लघुकथा मोबाइल में तितली
दिनांक-1-7-20.
बिषय-लघुकथा मोबाइल में तितली।
गोलू को उसके मम्मी-पापा ट्यूशन पढ़ने भेज ते थे।केजी में पढ़ने वाला गोलू अभी अ ई ए बी सी और वन टू चित्रों में रंग भरना सीख रहा था।एक दिन ट्यूशन बाली मेडम ने उसे तितली में रंग भरने के लिए दिया इसे भर कर बताओ।गोलू बोला मेडम तितली कैसी होती है। मेडम ने कहा अरे तितली नहीं पता तुमने नहीं देखी। गोलू ने बड़े मासुमियत से कहा नहीं।
मेडम ने पूछा तुम्हारे घर गमले पेड़ पौधे नहीं हैं।
गोलू ने कहा नहीं पर फ्लेट के नीचे मंदिर में हैं। ठीक है मेडम ने मोबाइल में तितली का चित्र दिखाया और कहा तितली रानी रंग बिरंगे पंखों वाली होती है हमेशा फूलों पर बैठती है लाल पीले नीले काले कई रंगों की होती है। गोलू बहुत खुश हो कर तितली में रंग भर रहा था। तभी उन्होंने गोलू की मम्मी को फोन करके कुछ गमलो मे पौधे लगाने के लिये कहा ,उन्होंने विना किसी प्रश्न के छ: सात गमलो मे सुन्दर फूल दार पौधे लगाए ,अब गोलू के घर भी तितलियाँ आईं गोलू की खुशी का ठिकाना न था।
स्वरचित मोलिक लघुकथा तृप्ता श्रीवास्तव।