रूप न्यारा चाँद का प्यारा नजारा है। रात है ऐ चाँदनी तेरा सहारा है।।

रजनी छंद(मापनी युक्त)
मापनी-
2122 2122 21 22 2
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1-
रूप न्यारा चाँद का प्यारा नजारा है।
रात है ऐ चाँदनी तेरा सहारा है।।
रूप में जादू भरा न्यारा सितारा है।
श्याम से ऐ प्रीत है मेरा सहारा है।।
2-
चैन मेरा खो गया है खोज के लाओ।
पीर भारी देह में है श्याम जी आओ।।
श्याम मेरे आज मीठे गीत तो गाओ।
सूर्य जैसी ताप छाई शीत तो छाओ।।
3-
चीर पापी खेचता है चीर ले आना।
धीर कान्हा आपसे है धीर दे जाना।।
आज आए द्वार तेरे आसरा पाना।
श्याम से है डोर मेरी पास में माना।।
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प्रभु पग धूल
लक्ष्मी कान्त सोनी
महोबा
उत्तर प्रदेश

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