उत्तर प्रदेश के महोबा में मौतों के वावजूद भी सेटिंग की चैन रुकने का नाम नहीं ले रही है-भ्रष्टाचारी गंभीर प्रश्नों के उत्तर न देकर तोड़ रहे लोगों का मनोबल

खबर बड़ी है–
उत्तर प्रदेश के महोबा में मौतों के वावजूद भी सेटिंग की चैन रुकने का नाम नहीं ले रही है-भ्रष्टाचारी गंभीर प्रश्नों के उत्तर न देकर तोड़ रहे लोगों का मनोबल
लक्ष्मी कान्त सोनी
उत्तर प्रदेश/उत्तर प्रदेश में इन दिनों अफसरों व सरकार की भ्रष्ट कार्यशैली किसी से छुपी नहीं रही एक तो सरकार अफसर व अबैध कारोवारी मिलकर चंद पैसों के लालच में वेखौफ़ अबैध कारोवारों को बढ़ावा दे रहे हैं ।जिसके चलते उत्तर प्रदेश अब अपराधियों का गण बन गया है एक के वाद एक आपराधिक घटनाएं उभरकर सामने आतीं रहतीं हैं।
आपको बता दें उत्तर प्रदेश में वेरोजगारी गरीबी तंगहाली चर्म पर है तो जिसके चलते लोग नए नए अपराधिक कारोवारों में संलिप्त होकर जीविका चलाते हैं।
और यही अबैध कारोबारी विकाऊ पत्रकारों व भ्रष्ट अफसरों के लिए सोने में सुहागा का काम कर रहे हैं ।लोग अबैध कार्य करते हैं और भ्रष्ट अफसर इनसे इसके एवज में मोटी रकम बसूलते हैं।
तो विकाऊ पत्रकार अफसरों व अबैध कारोवारियों दौनों से सुविधा शुल्क बसूलते हैं कई भ्रष्ट अधिकारी तो हर महीने अबैध कारोवारियों से सुविधा शुल्क वसूलते हैं तो बिकाऊ पत्रकार भी इन अबैध कारोवारियों से व भ्रष्ट अफसरों से प्रति माह सुविधा शुल्क वसूलते हैं।
और जब शोशल मीडिया व अन्य ईमानदार पत्रकार इनकी काली करतूत खोलते हैं तो ये सब गांधी वन्दर बन जाते हैं और सेटिंग के चलते सरकार को भी सुविधा शुल्क प्रतिमाह पहुँच जाती है इसलिए ये गंभीर मुद्दों पर गाँधी वंदर बन जाते हैं जिसके चलते उत्तर प्रदेश आज भ्रष्टाचारियों का गण बन गया है।
गंभीर मुद्दों पर भी ये चुप्पी साध लेते हैं ट्वीटर पर ऐसे तमाम मामले मिल जाएंगे जिनके सबूत होने के वावजूद भी ये उत्तर नहीं देते ताकि ईमानदार निष्पक्ष देश भक्तों का मनोबल टूट जाए और ये देश को लूट सकें इस तरह ऊपर से नीचे तक देश मे भ्रष्टाचारियों का साम्राज्य फैल गया है।
ऐसी स्थति कोई एक दो दिन की नहीं वल्कि ये सिस्टम कम से कम 20 वर्षों से ऐसा ही चला आ रहा है।
जिसके फलस्वरूप चोर सेटिंग में पत्रकार सेटिंग में अफसर सेटिंग में सरकार सेटिंग में सब सेटिंग रूपी चैन में घूमते नजर आ रहे हैं
ऐसा कहना कोई अति संयोक्ति नहीं होगी वल्कि महोबा में श्री जुगल किशोर सुगिरा मूर्ति कांड मृतक राहुल व जीतेन्द्र हत्या कांड महोबा सहित अनेकों ऐसे मामले हैं जो कई वर्ष वीतने के वावजूद भी अनसुलझी पहेली बने हुए हैं जिनपर भ्रष्टाचारी उत्तर न देकर पीड़ितों का मनोबल तोड़ते हुए भ्रष्टाचार के खेल को बड़ी ही दबंगई से अंजाम दे रहे हैं।
इसी तरह जुआ नशा गाँजा आदि के कारोवार भी भ्रष्टाचारियों की मिली भगत से बेखौफ संचालित हैं।
इसी सेटिंग की बजह से जब एक वकील साहब को न्याय नहीं मिला उच्च अधिकारी सेटिंग की बजह से चुप रहे जिसके चलते अंतः जुआरियों के कर्ज न चुका पाने व धमकी से आहत होकर महोबा में वलील साहब ने सारी बात सुसाइड नोट में लिख कर गोली मार के आत्म हत्या करली तब ये भ्रष्ट अफसर कुम्भकर्णी नींद से जागे।
इसी प्रकार इसी सेटिंग की बजह से मृतक खनन व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी की भी हत्या कर दी गयी जिसका आरोपी कोई और नहीं स्वयं उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिज़ अधीक्षक मणि लाल पाटी दार थे।
भ्रष्ट अफ़सरों ने मृतक इन्द्रकांत से पांच लाख रुपये प्रति माह की मांग की थी किन्तु खनन व्यवसायी पहले तो इन भ्रष्टों को रिश्वत देता रहा किन्तु जब उसको खनन कार्य से फायदा नहीं हुआ तो वो इन्हें रिश्वत देने में असमर्थ हो गया और जब रिश्वत देने से उसने मना किया तो भ्रष्टाचारियों ने इसकी हत्या करवा दी मृतक इन्द्रकांत त्रिपाठी में मृत्यु से एक दिन पहले ही भ्रष्ट पुलिस अधीक्षक मणि लाल पाटीदार द्वारा हत्या करवाए जाने के संबंध में वीडियो वायरल किये थे जो आज भी इन भ्रष्ट अफसरों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं किन्तु इस भ्रष्टाचार की कड़ी में कुछ भ्रष्टाचारी तो फस गए किन्तु कुछ भ्रष्टाचारी दोषी होते हुए भी सेटिंग वाली भ्रष्ट सरकार ने बचा लिए जबकी वायरल वीडियो में सभी भ्रष्ट अफसरों के नाम खुल कर सुने जा सकते हैं।
इन सबके वावजूद भी भ्रष्टाचार की चैन टूटती दिखाई नहीं दे रही है वल्कि ये भ्रष्टाचारी शोशल मीडिया पर उत्तर न देकर मनोबल तोड़ने का काम आज भी बड़ी कुशलता पूर्वक करते नजर आ रहे हैं आज सेटिंग ने देश में परतंत्रता जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और जो पत्रकार सेटिंग में नहीं आते उनके ऊपर फर्जी मुकदमे तक उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं जिनके प्रमाण शोशल साइटों पर भरे पड़े हैं।
अब सोचने वाली बात यह है क्या सेटिंग की चैन टूटेगी या फिर ऐसे ही घूमती रहेगी ।लोगों के दिलों में एक गंभीर प्रश्न बन कर गूंज रहा है।
प्रमाण-
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