नारी है एक शक्ति इसको तुम अबला अबला समझो मत।
विषय:-नारी का नारित्व
नारी है एक शक्ति
इसको तुम अबला अबला समझो मत।
है सृष्टि का आधार,
इसे कभी तुच्छ समझो मत ।
नारी अबला कहलाती
क्योंकि ममता में वह बह जाती।
नारी एक मूरत है,
स्नेह,त्याग औऱ बलिदान की।
नारी एक सूरत है,
आकर्षण विश्वास और प्यार की।
नारी के नारीत्व का,
वर्णन लेख व साहित्य से परे है।
इतिहास उठाकर देखो,
ग्रंथो में उदाहरण नारीत्व के भरे पड़े हैं।
कहता है ओम,
नारी शक्ति रूप नर की अर्धांगिनी है।
मानव का अस्तित्व,
नारित्व धारण करने वाली नारी से ही है।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम