चारु काव्यांगन द्वारा आयोजित* *सीमा राय द्विवेदी प्रणीत खरी मसखरी (व्यंग्य संग्रह) का भव्य लोकार्पण सम्पन्न हुआ

लखनऊ- चारु काव्यांगन द्वारा आयोजित*
*सीमा राय द्विवेदी प्रणीत खरी मसखरी (व्यंग्य संग्रह) का भव्य लोकार्पण सम्पन्न हुआ*

लखनऊ!साहित्यिक अनुष्ठान *चारु काव्यांगन* के तत्वाधान में *सीमा राय द्विवेदी* प्रणीत *खरी मसखरी*(व्यंग्य संग्रह) का भव्य लोकार्पण यूपी प्रेस क्लब हजऱतगंज लखनऊ में विधिवत सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर सीमा मधुरिमा की पूर्व प्रकाशित पुस्तक *स्त्री मन का स्पेक्ट्रम* पर परिचर्चा डॉ शिव मंगल सिंह “मंगल” ने किया।
समारोह की अध्यक्षता दयानन्द पांडेय ने की मुख्य अतिथि डॉ दिनेश चंद्र अवस्थी रहें व द्वव विशिष्ट अतिथि डॉ सर्वेश अस्थाना एवं डॉ शोभा दीक्षित “भावना” रही!
मुख्य वक्ता की मुख्य भूमिका मुकुल महान ने बखूबी निभाई।
समारोह का कुशल संचालन चारु काव्यांगन की संस्थापिका/ अध्यक्षा रेनू द्विवेदी ने किया। सीमा मधुरिमा प्रणीत खरी मसखरी एवम स्त्री मन का स्पेक्ट्रम पर मंचासीन अतिथियों ने दोनों पुस्तकों पर प्रकाश डाला। पुस्तकों की मुक्क्त मन से प्रसंशा की व उपयोगी / संग्रहणीय बताया।
समारोह में उपस्थिति रही,डॉ आशीष कुमार द्विवेदी,शुभ वैभव द्विवेदी, उन्मेष द्विवेदी, मंजुल मिश्र मंजर, प्रतिभा गुप्ता,उमेश प्रकाश उमेश, अभिषेक सहज , आलोक रावत, भारती पायल, श्रुति भट्टाचार्य, सरोज बाला, ,मनमोहन बरकोटी,श्रीशचंद्र दीक्षित, चन्द्र देव दीक्षित,अलका प्रमोद, रोली शंकर, कविता काव्या, सुलेखा,एस.एन द्विवेदी,शिवम अग्निहोत्री, अनिता श्रीवास्तव, दिव्या शुक्ला, विजय पुष्पम,सोहित अवस्थी,वर्षा श्रीवास्तव, सर्वेश शर्मा,माधव वाजपेयी,अनमोल भास्कर,कृपा शंकर श्रीवास्तव, अमर श्रीवास्तव,महेश अस्थाना,विपिन मलीहाबादी,ज्ञान प्रकाश वर्मा, डॉ शोभा त्रिपाठी,सरला शर्मा, संजय मिश्रा रजोल,राजीव वत्सल,इरशाद राही ,आभा अदीब राज नीलेशे ज्वाला,डॉ सुधा मिश्र, मीरा, चौरसिया,राधा शुक्ला,मधु दीक्षित,, रमेश चन्द्र, आलोक रावत, योगी योगेश शुक्ल, श्रीवास्तव,शशांक पांडेय, महेशचन्द्र गुप्त,डॉ सुभाषचन्द्र “रसिया” अजय त्रिवेदी,अर्चना प्रकाश, मुकेश कुमार मिश्र,स्वधा रविन्द्र,वंदना विशेष, मनोज शुक्ला, मनोज अवस्थी, शुकदेव, अरविंद रस्तोगी,इंद्रजीत कौरआदि शहर के तमाम सुधि साहित्यकार व गणमान्य लोगों की समारोह में उपस्थिति रही।
समारोह के अंत में चारु काव्यांगन के महामंत्री मंजुल मिश्र “मंजर” ने पधारे हुए सभी मनीषियों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।

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