प्रदेश सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अन्तर्गत लाखों उद्यम स्थापित, करोड़ों लोगों को मिला रोजगार

*-प्रदेश सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अन्तर्गत लाखों उद्यम स्थापित, करोड़ों लोगों को मिला रोजगार*
*नफीस खान*

*कानपुर* किसी भी देश के विकास के लिए सूक्ष्म, लघु एवं माध्यम उद्यम रीढ़ का कार्य करती है। समाज से व्यक्तियों की कई प्रकार की भौतिक खाद्य वस्तुओं की आवश्यकता होती है। उनकी पूर्ति समाज में प्रचलित कुटीर उद्योगों एवं एम.एस.एम.ई. उद्यमों से ही होती है। छोटे उद्यमों के विकास से समाज के परम्परागत कौशल और कला को सजोये रखने में मदद मिलती है, वही उद्यम में लगे लोगों को रोजगार मिलता रहता है। इन उद्यमों से प्रदेश और देश की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। साथ ही प्रदेश, देश की आर्थिक उन्नति में सहायक होते हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश के परम्परागत उद्यमों, कारीगरी आदि को बढ़ावा देते हुए नये उद्यमों के स्थापना हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास पर विशेष बल दिया है। इसके विकास के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण वितरित करते हुए उद्यम स्थापित कराकर लोगों को रोजगार दिया गया है। विगत वर्षों में बैंकों के माध्यम से प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम ईकाइयों को बढ़-चढ़कर ऋण वितरण किया गया। जहां वर्ष 2016-17 में केवल रू0 28,136 करोड़ का ऋण वितरण एमएसएमई इकाइयों को किया गया था, वहीं वर्ष 2020-21 में रू0 73,765 करोड़ का ऋण वितरण किया गया जो विगत 04 वर्षों में 2.5 गुना से अधिक की वृद्धि को दर्शाता हैं। प्रदेश में वर्ष 2020-21 की अधिकांश अवधि में प्रदेश में लॉकडाउन लागू होने के बावजूद भी यह वृद्धि दर्ज की गयी है। वार्षिक ऋण योजना के अन्तर्गत विगत वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र में ऋण वितरण की स्थिति बड़ी सफल रही है।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 में 46,594.00 करोड़ रूपये, वर्ष 2018-19 में 57,809.00 करोड़ रूपय,े वर्ष 2019-20 में 71,080.00 करोड़ रूपये, व वर्ष 2020-21 में 73,765.00 करोड़ रुपये ऋण वितरित किया गया। चालू वर्ष में भी लाखों लाभार्थियों को करोड़ों रूपये का ऋण वितरित किया जा रहा है। प्रदेश में वर्ष 2020-21 में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बैंको द्वारा प्रदेश में 34,80,596 नई एमएसएमई इकाईयों को ऋण वितरण किया गया, जिसके माध्यम से लगभग 63 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया गया। इस प्रकार वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में लगभग 80 लाख एमएसएमई इकाईयों को ऋण उपलब्ध कराते हुए 1.50 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गए हैं। प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में एम.एस.एम.ई. ईकाइयों की स्थापना कराकर करोड़ों लोगों को रोजगार के अवसर देना सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेश में कोविड-19 महामारी से उत्पन्न विकट स्थित में भी एमएसएमई क्षेत्र में विकास की गति को बनाए रखने हेतु विभाग द्वारा 05 वर्चुअल लोन मेलों के माध्यम से 6,78,626 लाभार्थियों को 33,338 करोड़ के ऋण वितरित किये जा चुके हैं। इन सभी लोन मेलों का शुभारम्भ प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा लाभार्थियों से वार्ता करते हुए किया गया ।
कोविड-19 महामारी से उत्पन्न विकट स्थिति से एमएसएमई क्षेत्र की इकाईयों को उभारने हेतु भारत सरकार द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अन्तर्गत प्रदेश में 4,41,125 इकाईयों को रू0 12,222.41 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी। आर्थिक सहायता पाकर एम.एस.एम.ई. उद्यमियों के पंख लग गये और उन्होंने उद्यम चलाने की राह पकड़कर अपनी आर्थिक उन्नति कर रहे हैं, साथ ही उनके उद्यमों में लाखों लोगों को रोजगार मिला है।
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