पिता एक उम्मीद
विषय _पिता एक उम्मीद
पिता देश ,परिवार ,समाज के लिए मिसाल है,
जिसके ज्ञान की इमारतें खड़ी बेमिसाल हैं।
पिता एक उम्मीद है बच्चों की आस है,
परेशानी में हिम्मत ना हारे वह विश्वास है।
प्रथम पाठशाला मां है करते हैं हम सब प्रणाम,
पिता हमारे हमेशा पूज्य जपें पहले उनका नाम।
पिता माता हों एक साथ तो खुशियां मिले अपार,
उन दोनों का अनुभव है खुशियों का संसार।
पिता कड़ी धूप में तपते सांझ ढले घर आते,
दिन भर करते मेहनत जी तोड़ फिर भी मुस्कुराते।
पिता पूरी करते इच्छा बच्चे जो भी चाहते,
मुस्कान बच्चों के चेहरे पर लाने हर गम पी जाते।
पिता को देखा मैंने साधन जुटाने में चिंतित होते,
लेकिन घर पर सब के साथ मुस्कान न खोने देते।
पिता माता को मानो तुम भगवान का ही रूप,
छाया बनकर सदैव रहते कितनी कड़ी हो चाहे धूप।
जिनके हैं माता-पिता बहुत भाग्यवान इंसान,
सीख दें अच्छी संतान को बना दे गुणवान।
स्वरचित✍️
नम्रता श्रीवास्तव ( प्र०अ०)
प्रा०वि०बड़ेहा स्योंढा
क्षेत्र-महुआ,जिला-बांदा(उत्तर प्रदेश)