मान सत्य अनुमान है, ईश्वर जग की डोर।
🥀दोहा मुक्तक🥀
सृजन शब्द-
अनुमान
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1-
मान सत्य अनुमान है,
ईश्वर जग की डोर।
ईश्वर काली रात हैं,
ईश्वर सुंदर भोर।।
रघुवर को मत भूलना,
प्रभु जी सबकी जान।
राघव हर कण में रहें,
मत बन प्यारे चोर।।
2-
सत्य सुनो अनुमान ऐ,
जान कर्म आधार।
पाते फल सब काम के,
मान राम साकार।।
पाप काज जो छोड़ते,
जाते हैं हरि धाम।
डगर सत्य की आइए,
होगा बेड़ा पार।।
3-
परख लगा अनुमान लो,
करना पीछे काज।
आज बसा दिल राम लो,
राम रखेंगे लाज।।
राम नाम सुख धाम है,
बोलो राजा राम।
आके राजा राम जी,
रख देंगे सिर ताज।।
4-
राम नाम के जाप से,
होते खुश हनुमान।
ज्ञान दीप दिल में जगें,
मेरा है अनुमान।।
राम हृदय हनुमान के,
देखा सीना चीर।
राम हरें हर ताप को,
छोड़ो जन अभिमान।।
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🥀प्रभुपग धूल🥀
लक्ष्मी कान्त सोनी
महोबा
उत्तर प्रदेश