तमिलनाडु और पुदुचेरी में 24 और 25 तारीख को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है
तमिलनाडु और पुदुचेरी में 24 और 25 तारीख को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में और दक्षिण-पूर्व में दबाव के चलते तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटवर्ती इलाकों में चक्रवात की चेतावनी अगले 24 घंटों के दौरान इसके बढ़कर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना मछुआरों को सलाह दी गई कि वे बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और साथ लगते पश्चिम-मध्यतथा दक्षिण-पूर्वी इलाकों तथा मन्नार की खाड़ी और तमिलनाडु,पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों से दूर समुद्र में न जाएं बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान “गति”कमजोर होकर सोमालिया के ऊपर एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया
चक्रवात चेतावनी प्रभाग/राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र/क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्रऔरनई दिल्ली स्थित भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार: (सुबह 9.30 बजे) की स्थिति।
दक्षिण-पश्चिम में और बंगाल की खाड़ी से सटे दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बना मौसम का दबाव पिछले 06 घंटों में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और पुदुचेरी से दक्षिण,दक्षिण-पूर्व में लगभग 600 किमी और चेन्नई के दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में 630 किमी दूरी पर स्थित हो गया।इसके अगले 24 घंटों के दौरान बढ़कर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके 25 नवंबर, 2020 की दोपहर के आसपास उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटों के बीच कराइकल और ममल्लापुरम को पार कर जाने की संभावना है।
पूर्वानुमान ट्रैक और तीव्रता नीचे दी गई है:
चेतावनी: 1. वर्षा इसके प्रभाव से 23 नवंबर के बाद भारत के दक्षिणी प्रायद्वीपों में बारिश होने की संभावना है और इसके अलावा 24 से 26 नवंबर के बीच तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराइकल के ऊपर तथा 25 से 26 नवंबर के बीच दक्षिणी तटवर्ती आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी से अत्यधिक भारी बारिश/आंधी तूफान आने की संभावना है। 24 और 25 नवंबर के दौरान तमिलनाडु और पुदुचेरी में, 25-26 नवंबर को दक्षिणी तटवर्ती आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तथा 26 नवंबर को तेलंगाना में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
2. हवा की चेतावनी बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम,पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम से सटे तथा तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर और उससे कुछ दूर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इसके धीरे-धीरे बढ़कर बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य और दक्षिण-पश्चिम में 65-75 किमी प्रति घंटे से लेकर 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक होने की संभावना है। 24 नवंबर को सुबह बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी मध्य और तमिलनाडु के तट से दूर तथा मन्नार की खाड़ी के ऊपर इसके 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक चलने की संभावना है। यह आगे बढ़ कर 100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता हुआ 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटों पर, 65-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अगले 12 घंटे में,25 नवंबर की सुबह तक पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य से सटे इलाकों और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से दूर मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तमिलनाडु के तट और उससे दूर पहुंचने की संभावना है।
3.समुद्र की स्थिति बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पूर्व तथा तमिलनाडु, पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों और तट से दूर तथा मन्नार की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बहुत खराब है। यह धीरे-धीरे 24 नवंबर तक दक्षिण-पश्चिम और बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य और तमिलनाडु, पुदुचेरी के तटवर्ती इलाकों और उनसे दूर समुद्र में तथादक्षिण आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में बहुत खराब होती जाएगी। 25 नवंबर, 2020 तक इन्हीं इलाकों में यह स्थिति और भी ज्यादा खराब होगी।
4. मछुआरों को चेतावनी मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 23-25 नवंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और आस-पास के पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पूर्वी समुद्र, मन्नार की खाड़ी और तमिलनाडु, पुदुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों से दूर समुद्र में न जाएं। इसके साथ ही इस समय समुद्र में जा चुके मछुआरों को तट पर लौटने और उपरोक्त समुद्री क्षेत्र में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। उत्तर सोमालिया के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफ़ान “गति” बीते 06 घंटों के दौरान लगभग 09 किमी प्रति घंटे की गति के साथ पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और उसी क्षेत्र पर एक चक्रवाती तूफान के रूप में कमजोर हो गया है। वह अब रास बिन्ना (सोमालिया) के 150 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित हो गया। इसके क्रमश: पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 6 घंटों के दौरान धीरे-धीरे गहरे दबाव में आकर कमजोर पड़ने की संभावना है।
चूंकि यह चक्रवात भारतीय तट से दूर चला गया है, इसलिए भारत के पश्चिमी तटों पर इससे संबद्ध मौसम की कोई प्रतिकूलता होने की संभावना नहीं है। हालांकि, जहाज और मछुआरों के लिए चेतावनी दक्षिण-पश्चिम अरब सागर पर नीचे बताए अनुसार ही है। (i) हवा की चेतावनी अदन की खाड़ी में और सोमालिया तट पर चलने वाली तेज हवा की गति 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर आ गई है और दक्षिण पश्चिम अरब सागर तथा उत्तर सोमालिया तट पर 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवा की रफ्तार बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे हो गईहै। इसके 23 नवंबर की शाम तक घटकर धीरे-धीरे 40-50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे तक आ जाने की संभावना है।
(ii) समुद्र की स्थिति अदन की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के साथ-साथ उत्तर सोमालिया तट से कुछ दूर समुद्र की स्थिति 23 नवंबर शाम तक बहुत खराब हो जाएगी और उसके बाद इसमें सुधार होगा।
(iii) मछुआरों की चेतावनी मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 23 नवंबर की शाम तक अदन और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर की खाड़ी और उत्तर सोमालिया तट से दूर समुद्र में न जाएं।
अरब सागर के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान
बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र
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